देहरादून में जमीन के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, मोथरोवाला में टिहरी विस्थापितों की जमीन दिलाने का दिया झांसा, सरकारी कर्मचारी ने कई लोगों के साथ मिलकर लगाया लाखों का चूना, पीड़ित ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
2026-11-01 12:27:26

देहरादून
राजधानी देहरादून में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। मोथरोवाला क्षेत्र में टिहरी विस्थापितों की जमीन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 25 लाख रुपये की कथित ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में टिहरी गढ़वाल निवासी महावीर पडियार व मनोहर लाल आदि द्वारा रजिस्टर पावर ऑर्टनी व रजिस्टर एग्रीमेंट करते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने जमीन दिलाने का भरोसा देकर उससे मोटी रकम हासिल कर ली, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि जिस जमीन को दिलाने की बात कही जा रही थी, उस पर आरोपियों का कोई वैध मालिकाना हक ही नहीं था।
जमीन के सौदे के नाम पर लिया 25 लाख रुपये
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून निवासी एक व्यक्ति को मोथरोवाला क्षेत्र में टिहरी विस्थापितों की जमीन दिलाने का प्रस्ताव दिया गया था। इस दौरान टिहरी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को जमीन का सौदा कराने का भरोसा दिलाया। जमीन के सौदे को लेकर बातचीत हुई और इसी भरोसे के आधार पर पीड़ित से करीब 25 लाख रुपये ले लिए गए।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर जमीन दिलाने का आश्वासन दिया था। उसे भरोसा था कि जमीन का सौदा पूरी तरह वैध है और उसे नियमानुसार जमीन का मालिकाना हक मिल जाएगा।
जांच-पड़ताल में सामने आई चौंकाने वाली बात
बताया जा रहा है कि रकम देने के बाद जब पीड़ित ने जमीन से संबंधित दस्तावेजों और स्वामित्व की जानकारी जुटाई तो उसके सामने चौंकाने वाला तथ्य आया। जिस जमीन को दिलाने का भरोसा दिया गया था, वह कथित तौर पर आरोपियों के नाम पर दर्ज ही नहीं थी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने जमीन पर अधिकार होने का भरोसा दिलाकर उससे बड़ी रकम प्राप्त की, जबकि जमीन के वास्तविक स्वामित्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारी पर भी आरोप
इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि धोखाधड़ी में शामिल मुख्य व्यक्ति सरकारी कर्मचारी है और टिहरी गढ़वाल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत है। आरोप है कि सरकारी सेवा में होने के बावजूद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन के सौदे के नाम पर पीड़ित को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी से परेशान देहरादून निवासी पीड़ित ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), देहरादून से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़ित ने आरोपियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और अपनी 25 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
पीड़ित चाहता है कि पुलिस जमीन से संबंधित दस्तावेजों, धनराशि के लेन-देन और कथित आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच करे, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मोथरोवाला में सामने आए इस कथित जमीन घोटाले ने जमीन की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता और टिहरी विस्थापितों की जमीन के सौदों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब जमीन के सौदे में सरकारी विभाग के एक कर्मचारी की कथित भूमिका भी सामने आ रही है।
अब देखना होगा कि एसएसपी कार्यालय में दी गई शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और 25 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल पीड़ित को न्याय और अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने का इंतजार है।

